Correct Answer:
Option D - जहाँ पर कठोर तथा चट्टान एक दूसरे के समानांतर पायी जाती है वहाँ जालीनुमा अपवाह प्रतिरूप विकसित होता है। अपवाह या धरातलीय अपवाह जल की वह मात्रा है जो पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में ढाल का अनुसरण करते हुए जलधाराओं, सरिताओं, नालों और नदियों के रूप में प्रवाहित होता है।
D. जहाँ पर कठोर तथा चट्टान एक दूसरे के समानांतर पायी जाती है वहाँ जालीनुमा अपवाह प्रतिरूप विकसित होता है। अपवाह या धरातलीय अपवाह जल की वह मात्रा है जो पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में ढाल का अनुसरण करते हुए जलधाराओं, सरिताओं, नालों और नदियों के रूप में प्रवाहित होता है।