Correct Answer:
Option C - मूत्र में प्राय: विटामिन C उत्सर्जित होता है। खट्टे फल विटामिन C के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। नेफ्रॉन या वृक्क नलिका में रूधिर से छनकर आये जल एवं शेष उत्सर्जी पदार्थों के मिश्रण को मूत्र कहते हैं। मनुष्य का मूत्र पारदर्शी एवं हल्के पीले रंग का द्रव होता है। इसका पीला रंग हीमोग्लोबिन के अपघटन से बने यूरोक्रोम नामक वर्णक के कारण होता है। एक सामान्य वयस्क व्यक्ति में 24 घण्टे में लगभग 1.5 ली. मूत्र बनता है। मूत्र अम्लीय प्रकृति (PH. 4.5) का होता है। सामान्यत: मूत्र में 95% जल, 2% यूरिया, अमोनिया, अमीनो अम्ल, आयोडीन एवं नाइट्रोजन भी पाये जाते है।
C. मूत्र में प्राय: विटामिन C उत्सर्जित होता है। खट्टे फल विटामिन C के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। नेफ्रॉन या वृक्क नलिका में रूधिर से छनकर आये जल एवं शेष उत्सर्जी पदार्थों के मिश्रण को मूत्र कहते हैं। मनुष्य का मूत्र पारदर्शी एवं हल्के पीले रंग का द्रव होता है। इसका पीला रंग हीमोग्लोबिन के अपघटन से बने यूरोक्रोम नामक वर्णक के कारण होता है। एक सामान्य वयस्क व्यक्ति में 24 घण्टे में लगभग 1.5 ली. मूत्र बनता है। मूत्र अम्लीय प्रकृति (PH. 4.5) का होता है। सामान्यत: मूत्र में 95% जल, 2% यूरिया, अमोनिया, अमीनो अम्ल, आयोडीन एवं नाइट्रोजन भी पाये जाते है।