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Q: Which one of the following Chola Kings who had conquered entire Ceylon (Singhal)? निम्नलिखित चोल शासकों में किस एक ने सम्पूर्ण सिलोन (सिंघलराजराजा प्रथम के बाद उसका पुत्र राजेन्द्र प्रथम सिंहासन पर बैठा और वह अपने पिता की भांति एक महान विजेता सिद्ध हुआ। राजेन्द्र प्रथम ने भारतीय उपमहाद्वीप में अपनी विजय पताका फहराने के बाद दक्षिण पूर्व एशिया में सैन्य अभियान किया। अपने पिता की भाँति राजेन्द्र प्रथम ने भी 1017 ई. में लंका (सिंघल) पर आक्रमण किया। लंका नरेश महिन्द्र पंचम पराजित हुआ और उसे बन्दी बनाकर चोल राज्य भेज दिया गया जहाँ कारागार में 12 वर्षों के बाद उसकी मृत्यु हो गयी। सम्पूर्ण सिंघल पर अधिकार कर लिया गया। ) को विजित किया?
  • A. Rajendra I/राजेन्द्र प्रथम
  • B. Rajaraja/राजराजा प्रथम
  • C. Kulottunga I/कुलोत्तुंग प्रथम
  • D. Rajadhiraja/राजाधिराज
Correct Answer: Option A - राजराजा प्रथम के बाद उसका पुत्र राजेन्द्र प्रथम सिंहासन पर बैठा और वह अपने पिता की भांति एक महान विजेता सिद्ध हुआ। राजेन्द्र प्रथम ने भारतीय उपमहाद्वीप में अपनी विजय पताका फहराने के बाद दक्षिण पूर्व एशिया में सैन्य अभियान किया। अपने पिता की भाँति राजेन्द्र प्रथम ने भी 1017 ई. में लंका (सिंघल) पर आक्रमण किया। लंका नरेश महिन्द्र पंचम पराजित हुआ और उसे बन्दी बनाकर चोल राज्य भेज दिया गया जहाँ कारागार में 12 वर्षों के बाद उसकी मृत्यु हो गयी। सम्पूर्ण सिंघल पर अधिकार कर लिया गया।
A. राजराजा प्रथम के बाद उसका पुत्र राजेन्द्र प्रथम सिंहासन पर बैठा और वह अपने पिता की भांति एक महान विजेता सिद्ध हुआ। राजेन्द्र प्रथम ने भारतीय उपमहाद्वीप में अपनी विजय पताका फहराने के बाद दक्षिण पूर्व एशिया में सैन्य अभियान किया। अपने पिता की भाँति राजेन्द्र प्रथम ने भी 1017 ई. में लंका (सिंघल) पर आक्रमण किया। लंका नरेश महिन्द्र पंचम पराजित हुआ और उसे बन्दी बनाकर चोल राज्य भेज दिया गया जहाँ कारागार में 12 वर्षों के बाद उसकी मृत्यु हो गयी। सम्पूर्ण सिंघल पर अधिकार कर लिया गया।

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राजराजा प्रथम के बाद उसका पुत्र राजेन्द्र प्रथम सिंहासन पर बैठा और वह अपने पिता की भांति एक महान विजेता सिद्ध हुआ। राजेन्द्र प्रथम ने भारतीय उपमहाद्वीप में अपनी विजय पताका फहराने के बाद दक्षिण पूर्व एशिया में सैन्य अभियान किया। अपने पिता की भाँति राजेन्द्र प्रथम ने भी 1017 ई. में लंका (सिंघल) पर आक्रमण किया। लंका नरेश महिन्द्र पंचम पराजित हुआ और उसे बन्दी बनाकर चोल राज्य भेज दिया गया जहाँ कारागार में 12 वर्षों के बाद उसकी मृत्यु हो गयी। सम्पूर्ण सिंघल पर अधिकार कर लिया गया।