Explanations:
राज्ञ: कान् आहूतवान् इत्यत्र ``न कोऽपि उपयुक्त:'' एतत् विकल्पं सत्यं अस्ति। अर्थात् यहाँ कोई विकल्प उपयुक्त नहीं है। राजा ने अपने पुत्रों को शास्त्र विमुख देखकर सचिवों की सभा बुलवायी और कहा मेरे तीनों पुत्र शास्त्र विमुख तथा मूर्ख हैं इन्हें देखकर यह महान् राज्य भी सुख को नहीं देता है।