Correct Answer:
Option C - (Prying) बल और कुछ नहीं है बल्कि अतिरिक्त तन्यता बल है जो बोल्ट में विकसित होते हैं।
जब तनाव के अधीन कनेक्शन जुड़े हुए हिस्से से विरूपित होता है तो बोल्ट पर लगे तनाव को बढ़ाता है। ताकि संयुक्त प्लेटों के कारण अतिरिक्त बल प्लेटों में उत्पन्न हो इस अतिरिक्त बल को prying force कहते हैं।
C. (Prying) बल और कुछ नहीं है बल्कि अतिरिक्त तन्यता बल है जो बोल्ट में विकसित होते हैं।
जब तनाव के अधीन कनेक्शन जुड़े हुए हिस्से से विरूपित होता है तो बोल्ट पर लगे तनाव को बढ़ाता है। ताकि संयुक्त प्लेटों के कारण अतिरिक्त बल प्लेटों में उत्पन्न हो इस अतिरिक्त बल को prying force कहते हैं।