Correct Answer:
Option D - ऋग्वेद में धनाङ्ग्य व्यक्ति के लिए गोमत शब्द का प्रयोग हुआ है। ऋग्वेद में कृषि की अपेक्षा पशुपालन का अधिक महत्व था। पशुओं में गाय की सर्वाधिक महत्ता थी। गाय की गणना सम्पत्ति में की जाती थी। आर्यो की अधिकांश लड़ाइयां गायों को लेकर हुई। ऋग्वेद में युद्ध का पर्याय गविष्टि (गायों का अन्वेषण) है। इसी प्रकार गवेष्ण, गोषु, गत्य, गभ्य आदि शब्द युद्ध के लिए प्रयुक्त होते थे। ऋग्वैदिक समाज कबीलाई व्यवस्था पर आधारित था। ऋग्वैदिक लोग जनों व कबीलों में विभाजित थे। कबीलें का एक राजा होता था, जिसे ‘गोप’ कहा जाता था।
D. ऋग्वेद में धनाङ्ग्य व्यक्ति के लिए गोमत शब्द का प्रयोग हुआ है। ऋग्वेद में कृषि की अपेक्षा पशुपालन का अधिक महत्व था। पशुओं में गाय की सर्वाधिक महत्ता थी। गाय की गणना सम्पत्ति में की जाती थी। आर्यो की अधिकांश लड़ाइयां गायों को लेकर हुई। ऋग्वेद में युद्ध का पर्याय गविष्टि (गायों का अन्वेषण) है। इसी प्रकार गवेष्ण, गोषु, गत्य, गभ्य आदि शब्द युद्ध के लिए प्रयुक्त होते थे। ऋग्वैदिक समाज कबीलाई व्यवस्था पर आधारित था। ऋग्वैदिक लोग जनों व कबीलों में विभाजित थे। कबीलें का एक राजा होता था, जिसे ‘गोप’ कहा जाता था।