Correct Answer:
Option A - पिगोवियन कर नकारात्मक बाह्यता वाले निकायों पर लगाया जाता है इस कर का उद्देश्य सामाजिक सीमांत लागत के बराबर वस्तु की कीमत को निर्धारित करना तथा संसाधनों का अधिक सामाजिक रूप से कुशल आवंटन करना है। चुंगी कर वह कर होता है जो स्थानीय क्षेत्र में उपयोग करने या बिक्री हेतु प्रवेश होने वाली वस्तुओं पर लगाया जाता है। वस्तु एवं सेवा कर एक महत्त्वपूर्ण अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था है, जो राज्यों के मध्य करों की सीमा को दूर करता है व एकल बाजार का निर्माण करता है। टोबिन कर विदेशी मुद्रा कारोबर पर लगाया जाता है।
A. पिगोवियन कर नकारात्मक बाह्यता वाले निकायों पर लगाया जाता है इस कर का उद्देश्य सामाजिक सीमांत लागत के बराबर वस्तु की कीमत को निर्धारित करना तथा संसाधनों का अधिक सामाजिक रूप से कुशल आवंटन करना है। चुंगी कर वह कर होता है जो स्थानीय क्षेत्र में उपयोग करने या बिक्री हेतु प्रवेश होने वाली वस्तुओं पर लगाया जाता है। वस्तु एवं सेवा कर एक महत्त्वपूर्ण अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था है, जो राज्यों के मध्य करों की सीमा को दूर करता है व एकल बाजार का निर्माण करता है। टोबिन कर विदेशी मुद्रा कारोबर पर लगाया जाता है।