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Q: ‘तद्भव’ पत्रिका के संपादक हैं–
  • A. हरे प्रकाश उपाध्याय
  • B. संजय सहाय
  • C. अखिलेश
  • D. ज्ञानरंजन
Correct Answer: Option C - ‘तद्भव’ पत्रिका के संपादक ‘अखिलेश’ हैं। समकालीन हिन्दी कथा-साहित्य के एक प्रमुख हस्ताक्षर ‘अखिलेश’ ने इस पत्रिका का प्रकाशन मार्च, 1999 से प्रारंभ किया। इसका प्रकाशन लखनऊ, उत्तर-प्रदेश से होता है। यह एक ‘त्रैमासिक’ साहित्यिक पत्रिका है। यह पत्रिका हर बार आधुनिक रचनाशीलता पर केन्द्रित एक विशिष्ट संचयन होती है तथा विशुद्ध साहित्यिक सामग्रियों को प्रकाशन में महत्त्व देती है। ‘पहल’ पत्रिका का सम्पादन ‘ज्ञानरंजन’ करते थे। इस पत्रिका का प्रकाशनारंभ 1960 ई० में ‘जयपुर’ से हुआ, यह त्रैमासिक पत्रिका थी।
C. ‘तद्भव’ पत्रिका के संपादक ‘अखिलेश’ हैं। समकालीन हिन्दी कथा-साहित्य के एक प्रमुख हस्ताक्षर ‘अखिलेश’ ने इस पत्रिका का प्रकाशन मार्च, 1999 से प्रारंभ किया। इसका प्रकाशन लखनऊ, उत्तर-प्रदेश से होता है। यह एक ‘त्रैमासिक’ साहित्यिक पत्रिका है। यह पत्रिका हर बार आधुनिक रचनाशीलता पर केन्द्रित एक विशिष्ट संचयन होती है तथा विशुद्ध साहित्यिक सामग्रियों को प्रकाशन में महत्त्व देती है। ‘पहल’ पत्रिका का सम्पादन ‘ज्ञानरंजन’ करते थे। इस पत्रिका का प्रकाशनारंभ 1960 ई० में ‘जयपुर’ से हुआ, यह त्रैमासिक पत्रिका थी।

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‘तद्भव’ पत्रिका के संपादक ‘अखिलेश’ हैं। समकालीन हिन्दी कथा-साहित्य के एक प्रमुख हस्ताक्षर ‘अखिलेश’ ने इस पत्रिका का प्रकाशन मार्च, 1999 से प्रारंभ किया। इसका प्रकाशन लखनऊ, उत्तर-प्रदेश से होता है। यह एक ‘त्रैमासिक’ साहित्यिक पत्रिका है। यह पत्रिका हर बार आधुनिक रचनाशीलता पर केन्द्रित एक विशिष्ट संचयन होती है तथा विशुद्ध साहित्यिक सामग्रियों को प्रकाशन में महत्त्व देती है। ‘पहल’ पत्रिका का सम्पादन ‘ज्ञानरंजन’ करते थे। इस पत्रिका का प्रकाशनारंभ 1960 ई० में ‘जयपुर’ से हुआ, यह त्रैमासिक पत्रिका थी।