Correct Answer:
Option A - कला-निर्माण एक व्यक्ति के कलाकार के स्टूडियो से परे संस्थाओं और संसाधनों के माध्यम से बड़ी या तकनीकि रूप से कठिन कलाकृतियों के निर्माण की प्रक्रिया या सेवा का वर्णन करता है। यह व्यक्ति के मस्तिष्क के विकास में मदद करता है। कला मानव की अभिव्यक्ति का रूप है यह अनायास हो या सायास, किन्तु इस अभिव्यक्ति का ‘सहज’ होना आवश्यक है। टैगोर के अनुसार ‘‘कला को व्यक्त करने का माध्यम माना है’’ डा. श्याम सुन्दर दास ने कहा है कि, ‘‘जिस अभिव्यंजन मे आन्तरिक भावों का प्रकाशन तथा कल्पना का योग रहता है, वह कला है।’’ सभी परिस्थितियों में कलात्मक क्रिया का योग रहता है, वह कला है। सभी परिस्थितियों में कलात्मक क्रिया एक समान ही होती है। केवल माध्यम बदल जाते हैं।’’
A. कला-निर्माण एक व्यक्ति के कलाकार के स्टूडियो से परे संस्थाओं और संसाधनों के माध्यम से बड़ी या तकनीकि रूप से कठिन कलाकृतियों के निर्माण की प्रक्रिया या सेवा का वर्णन करता है। यह व्यक्ति के मस्तिष्क के विकास में मदद करता है। कला मानव की अभिव्यक्ति का रूप है यह अनायास हो या सायास, किन्तु इस अभिव्यक्ति का ‘सहज’ होना आवश्यक है। टैगोर के अनुसार ‘‘कला को व्यक्त करने का माध्यम माना है’’ डा. श्याम सुन्दर दास ने कहा है कि, ‘‘जिस अभिव्यंजन मे आन्तरिक भावों का प्रकाशन तथा कल्पना का योग रहता है, वह कला है।’’ सभी परिस्थितियों में कलात्मक क्रिया का योग रहता है, वह कला है। सभी परिस्थितियों में कलात्मक क्रिया एक समान ही होती है। केवल माध्यम बदल जाते हैं।’’