Correct Answer:
Option B - मध्य बाल्यावस्था में बच्चे तार्किक एवं मूर्त रूप से सोचना प्रारम्भ कर देते हैं। कोल के अनुसार मध्य बाल्यावस्था 6-12 वर्ष की आयु होती है। पियाजे ने इस अवस्था को मूर्त संक्रियात्मक अवस्था कहा है जिसमें बालक तार्किक और मूर्त रूप से चिंतन करने लगता है। इसी अवस्था में विलोमीयता और संरक्षण जैसे गुणात्मक मानसिक योग्यताओं का विकास होता है।
B. मध्य बाल्यावस्था में बच्चे तार्किक एवं मूर्त रूप से सोचना प्रारम्भ कर देते हैं। कोल के अनुसार मध्य बाल्यावस्था 6-12 वर्ष की आयु होती है। पियाजे ने इस अवस्था को मूर्त संक्रियात्मक अवस्था कहा है जिसमें बालक तार्किक और मूर्त रूप से चिंतन करने लगता है। इसी अवस्था में विलोमीयता और संरक्षण जैसे गुणात्मक मानसिक योग्यताओं का विकास होता है।