Correct Answer:
Option C - कार्य शिक्षा के बारे में उपर्युक्त दोनों कथन (I) (II) सही है। कार्य शिक्षा, शिक्षा की वह विधि है जिसमें कक्षा में शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को समाजोपयोगी कार्यों की व्यावहारिक शिक्षा भी प्रदान की जाती है। कार्य शिक्षा को उद्देश्यपूर्ण और सार्थक शारीरिक श्रम माना गया हैं जो शिक्षण का अन्तरंग भाग के रूप में आयोजित किया जाता है। कार्य शिक्षा, शैक्षिक गतिविधियों में ज्ञान, समझ, व्यावहारिक कौशलों को शामिल करने पर जोर देती है। हाथ तथा मस्तिष्क में समन्वय स्थापित करती है। किसी कार्य में संलग्न रहना सीखने की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण घटक है जो कि कार्य शिक्षा द्वारा सम्भव हो पाता है। कार्य शिक्षा के पाठ्यक्रम में ‘6’ क्षेत्रों का सुझाव दिया गया है जिसमें से उत्पादक शारीरिक श्रम को अपनाया जाना चाहिए जैसे-स्वास्थ्य और स्वास्थ्य विज्ञान, भोजन और पोषण, निवास, कपड़े, सांस्कृतिक और मनोरंजन, सामुदायिक कार्य और सामाजिक सेवाएँ आदि।
C. कार्य शिक्षा के बारे में उपर्युक्त दोनों कथन (I) (II) सही है। कार्य शिक्षा, शिक्षा की वह विधि है जिसमें कक्षा में शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को समाजोपयोगी कार्यों की व्यावहारिक शिक्षा भी प्रदान की जाती है। कार्य शिक्षा को उद्देश्यपूर्ण और सार्थक शारीरिक श्रम माना गया हैं जो शिक्षण का अन्तरंग भाग के रूप में आयोजित किया जाता है। कार्य शिक्षा, शैक्षिक गतिविधियों में ज्ञान, समझ, व्यावहारिक कौशलों को शामिल करने पर जोर देती है। हाथ तथा मस्तिष्क में समन्वय स्थापित करती है। किसी कार्य में संलग्न रहना सीखने की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण घटक है जो कि कार्य शिक्षा द्वारा सम्भव हो पाता है। कार्य शिक्षा के पाठ्यक्रम में ‘6’ क्षेत्रों का सुझाव दिया गया है जिसमें से उत्पादक शारीरिक श्रम को अपनाया जाना चाहिए जैसे-स्वास्थ्य और स्वास्थ्य विज्ञान, भोजन और पोषण, निवास, कपड़े, सांस्कृतिक और मनोरंजन, सामुदायिक कार्य और सामाजिक सेवाएँ आदि।