Correct Answer:
Option D - मैंग्रोव वन आर्द्र भूमियों में पाये जाते हैं। ये वन लवण कच्छ, ज्वारीय संकरी खाड़ी पंक मैदान और ज्वारनमुख के तटीय क्षेत्रों तथा भारत के पूर्वी तट तथा अण्डमान एवं निकोबार द्वीप समूह के डेल्टाई आर्द्र भूमि तथा भारत के अन्य मौके एवं खारे जलाशयी क्षेत्रों के आस पास विकसित होते हैं। ये वन तटवर्ती क्षेत्रों में जहाँ ज्वार-भाटा तथा सुनामी आता है वहां की सबसे महत्वपूर्ण वनस्पति है तथा तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा भी प्रदान करते हैं। इन वनों को ʻज्वारीय वनʼ के नाम से भी जाना जाता है।
D. मैंग्रोव वन आर्द्र भूमियों में पाये जाते हैं। ये वन लवण कच्छ, ज्वारीय संकरी खाड़ी पंक मैदान और ज्वारनमुख के तटीय क्षेत्रों तथा भारत के पूर्वी तट तथा अण्डमान एवं निकोबार द्वीप समूह के डेल्टाई आर्द्र भूमि तथा भारत के अन्य मौके एवं खारे जलाशयी क्षेत्रों के आस पास विकसित होते हैं। ये वन तटवर्ती क्षेत्रों में जहाँ ज्वार-भाटा तथा सुनामी आता है वहां की सबसे महत्वपूर्ण वनस्पति है तथा तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा भी प्रदान करते हैं। इन वनों को ʻज्वारीय वनʼ के नाम से भी जाना जाता है।