Correct Answer:
Option A - कम तापमान, उच्च दाब गैसों के द्रवीकरण के लिए उपयुक्त स्थिति का प्रतिनिधित्व करता है। कम तापमान पर गैस के अणुओं की गतिज ऊर्जा कम हो जाती है। गतिज ऊर्जा में यह कमी अंतर आणविक बलों को प्रभावी होने देती है, जिससे गैस का द्रव में संघनित होना आसान हो जाता है। उच्च दबाव लागू करने से गैस के अणु दूसरे के करीब आ जाते हैं जिससे अन्तर आणविक आकर्षण की संभावना बढ़ जाती है और तरल अवस्था में संक्रमण आसान हो जाता है।
A. कम तापमान, उच्च दाब गैसों के द्रवीकरण के लिए उपयुक्त स्थिति का प्रतिनिधित्व करता है। कम तापमान पर गैस के अणुओं की गतिज ऊर्जा कम हो जाती है। गतिज ऊर्जा में यह कमी अंतर आणविक बलों को प्रभावी होने देती है, जिससे गैस का द्रव में संघनित होना आसान हो जाता है। उच्च दबाव लागू करने से गैस के अणु दूसरे के करीब आ जाते हैं जिससे अन्तर आणविक आकर्षण की संभावना बढ़ जाती है और तरल अवस्था में संक्रमण आसान हो जाता है।