Correct Answer:
Option C - तनाव डिप्रेशन के एक रूप में मानसिक विकार है। किसी भी एक नकारात्मक विचार के दिमाग पर हावी हो जाने के बाद हमारी मानिसक स्थिति पर बुरा असर पड़ता है। हमारा मस्तिष्क सही से कार्य करने और किसी भी खुशी के मौके पर प्रसन्न होने में अक्षम हो जाता है। तनाव के समय सिर में दर्द, शरीर मे थरथराहट होना, उदास रहना, किसी काम में दिल न लगना, ज्यादा सोना या कम सोना, अपने को दूसरे से कम समझना, किसी बात पर गौर न करना आदि। तनाव की स्थिति में शरीर का होमोअस्टेसिस (Homeostatis) बिगड़ जाता है जिसके कारण शरीर का शारीरिक तथा मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है। यह क्रिया कुछ इस प्रकार होती हैं–
घातक → उत्तेजक → होमोअस्टेसिस का बिगड़ना → तनाव
कुछ स्थिति या ची़ज ऐसी होती है जो तनाव उत्पन्न करती है उसे स्ट्रेस कहा जाता है। यदि स्ट्रेस के आने से व्यक्ति तनाव ग्रसित होता है तो इससे व्यक्ति को इसका अनुभव होता है जिससे कि वह आगे ऐसी स्थिति को उत्पन्न ही न होने दें। अत: I तथा II दोनों सही है।
C. तनाव डिप्रेशन के एक रूप में मानसिक विकार है। किसी भी एक नकारात्मक विचार के दिमाग पर हावी हो जाने के बाद हमारी मानिसक स्थिति पर बुरा असर पड़ता है। हमारा मस्तिष्क सही से कार्य करने और किसी भी खुशी के मौके पर प्रसन्न होने में अक्षम हो जाता है। तनाव के समय सिर में दर्द, शरीर मे थरथराहट होना, उदास रहना, किसी काम में दिल न लगना, ज्यादा सोना या कम सोना, अपने को दूसरे से कम समझना, किसी बात पर गौर न करना आदि। तनाव की स्थिति में शरीर का होमोअस्टेसिस (Homeostatis) बिगड़ जाता है जिसके कारण शरीर का शारीरिक तथा मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है। यह क्रिया कुछ इस प्रकार होती हैं–
घातक → उत्तेजक → होमोअस्टेसिस का बिगड़ना → तनाव
कुछ स्थिति या ची़ज ऐसी होती है जो तनाव उत्पन्न करती है उसे स्ट्रेस कहा जाता है। यदि स्ट्रेस के आने से व्यक्ति तनाव ग्रसित होता है तो इससे व्यक्ति को इसका अनुभव होता है जिससे कि वह आगे ऐसी स्थिति को उत्पन्न ही न होने दें। अत: I तथा II दोनों सही है।