Correct Answer:
Option D - यह प्रकृति में अयस्क के रूप में पाया जाता है। इस अयस्क को कॉपर-पैराइट कहते है। पहले इस अयस्क में से कुछ अशुद्धियाँ दूर कर ली जाती है। फिर इसे प्लास्ट फरनेस में गला कर साफ कर दिया जाता है। यह मैलियेबल व डक्टाइल होता है। परन्तु ड्रॉ व रोल करने पर हार्ड हो जाता है तथा 320⁰C तक गर्म करके जल्द ठंडा कर देने पर नरम हो जाता है। इसे ठंडी अवस्था में करके पीटने पर कठोर होकर टूट जाता है। यह जंगरोधी होता है। तथा इसका गलनांक 1083⁰C होता है।
D. यह प्रकृति में अयस्क के रूप में पाया जाता है। इस अयस्क को कॉपर-पैराइट कहते है। पहले इस अयस्क में से कुछ अशुद्धियाँ दूर कर ली जाती है। फिर इसे प्लास्ट फरनेस में गला कर साफ कर दिया जाता है। यह मैलियेबल व डक्टाइल होता है। परन्तु ड्रॉ व रोल करने पर हार्ड हो जाता है तथा 320⁰C तक गर्म करके जल्द ठंडा कर देने पर नरम हो जाता है। इसे ठंडी अवस्था में करके पीटने पर कठोर होकर टूट जाता है। यह जंगरोधी होता है। तथा इसका गलनांक 1083⁰C होता है।