Correct Answer:
Option B - सम्पीडन उपांग किसी संरचना के वे उपांग होते हैं जो इस पर पड़ने वाला अक्षीय संपीडन बल वहन करते हैं। कॉलम, स्ट्रट, पिलर्स आदि सम्पीडन उपांग कहलाते हैं। सम्पीडन उपांगों का अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल ज्ञात करते समय तनन उपांगों की तरह रिवेट छिद्रों के लिए कटौती नहीं की जाती है। अत: भार गणना हेतु खण्ड का सकल क्षेत्रफल लिया जाता है।
B. सम्पीडन उपांग किसी संरचना के वे उपांग होते हैं जो इस पर पड़ने वाला अक्षीय संपीडन बल वहन करते हैं। कॉलम, स्ट्रट, पिलर्स आदि सम्पीडन उपांग कहलाते हैं। सम्पीडन उपांगों का अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल ज्ञात करते समय तनन उपांगों की तरह रिवेट छिद्रों के लिए कटौती नहीं की जाती है। अत: भार गणना हेतु खण्ड का सकल क्षेत्रफल लिया जाता है।