Explanations:
आर्ट थेरेपी द्वारा बच्चे अपनी भावनाओं को कला के जरिये व्यक्त कर सकते हैं। ये थेरेपी पेटिंग, ड्राइंग, कलरिंग आदि से की जाती है। आर्ट थेरेपी से ना केवल बच्चे का मानसिक स्वास्थ्य सही होता है बल्कि बच्चे जो ची़जे माता-पिता या किसी से नहीं बोल पाते वह इस कला के माध्यम से व्यक्ति कर सकते हैं। ड्रग थेरेपी केवल भावनात्मक विकारों के लिए दवाओं का प्रशासन नहीं है। शरीर के विभिन्न संक्रमणों और जानलेवा बीमारियों से लड़ने में ड्रग थेरेपी सहायक होती है। सर्दी-जुखाम जैसी छोटी बिमारियाँ हों या फिर टीबी जैसी गम्भीर बिमारियाँ हो ड्रग थेरेपी दोनों में तेज राहत देने में सहायक होती है। अत: न ही I तथा न ही II दोनों कथन सही नहीं है।