Correct Answer:
Option C - लाभ के अनिश्चितता सिद्धांत का प्रतिपादन फ्रैंक नाइट द्वारा किया गया। नाइट के अनुसार, लाभ बीमा-अयोग्य जोखिमों अर्थात् अनिश्चितताओं को वहन करने का पुरस्कार है।
नाइट ने जोखिम को दो भागों में बाँटा है–
(i) ऐसे जोखिम जिनका अनुमान पहले से लगाया जा सके जैसे आग लग जाने का जोखिम, चोरी तथा डकैती का जोखिम आदि।
(ii) दूसरे जोखिम की प्रवृत्ति अनिश्चितता की है जिनका पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता जैसे-सरकारी नीतियों में परिवर्तन, प्रतियोगिता का जोखिम आदि।
नाइट ने कहा है कि लाभ प्रवैगिक अर्थव्यवस्था में ही पाया जाता है, स्थैतिक अर्थव्यवस्था में लाभ का जन्म ही नहीं होगा।
C. लाभ के अनिश्चितता सिद्धांत का प्रतिपादन फ्रैंक नाइट द्वारा किया गया। नाइट के अनुसार, लाभ बीमा-अयोग्य जोखिमों अर्थात् अनिश्चितताओं को वहन करने का पुरस्कार है।
नाइट ने जोखिम को दो भागों में बाँटा है–
(i) ऐसे जोखिम जिनका अनुमान पहले से लगाया जा सके जैसे आग लग जाने का जोखिम, चोरी तथा डकैती का जोखिम आदि।
(ii) दूसरे जोखिम की प्रवृत्ति अनिश्चितता की है जिनका पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता जैसे-सरकारी नीतियों में परिवर्तन, प्रतियोगिता का जोखिम आदि।
नाइट ने कहा है कि लाभ प्रवैगिक अर्थव्यवस्था में ही पाया जाता है, स्थैतिक अर्थव्यवस्था में लाभ का जन्म ही नहीं होगा।