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Q: The method of reciprocal ranging can be used in which of the following cases?/निम्नलिखित में किस स्थिति में अन्योन्य आरेखण विधि का प्रयोग किया जा सकता है?
  • A. Obstacle to chaining but not ranging जरीब में बाधा लेकिन आरेखण में नहीं
  • B. Obstruction by a building/एक भवन द्वारा बाधा
  • C. Obstruction by a river/एक नदी द्वारा बाधा
  • D. Obstacle to ranging but not chaining आरेखण में बाधा लेकिन जरीब में नहीं
Correct Answer: Option D - जरीब मापन में बाधायें (Obstacles in chaining)– क्षेत्र में जरीब रेखा पर कई बार अनेक बाधायें आ जाती है, जिनके कारण नाप कार्य में दिक्कत आ जाती है। ये बाधायें मोटे तौर पर ऊँचा टीला, नदी, नाला, खाई, तालाब, भवन आदि होती है। सम्भावित बाधाओं का अध्ययन हम इन्हें निम्न श्रेणी में रखकर करेंगे। (i) आरेखण में बाधा (ii) जरीब मापन में बाधा (iii) आरेखण तथा जरीब मापन, दोनों में बाधा ■ जब आरेखण में बाधा आ जाये (जब जरीब रेखा पर कोई ऊँचा टीला आ जाये) तो अन्योन्य आरेखण (Reciprocal Ranging) विधि अपनायी जाती है।
D. जरीब मापन में बाधायें (Obstacles in chaining)– क्षेत्र में जरीब रेखा पर कई बार अनेक बाधायें आ जाती है, जिनके कारण नाप कार्य में दिक्कत आ जाती है। ये बाधायें मोटे तौर पर ऊँचा टीला, नदी, नाला, खाई, तालाब, भवन आदि होती है। सम्भावित बाधाओं का अध्ययन हम इन्हें निम्न श्रेणी में रखकर करेंगे। (i) आरेखण में बाधा (ii) जरीब मापन में बाधा (iii) आरेखण तथा जरीब मापन, दोनों में बाधा ■ जब आरेखण में बाधा आ जाये (जब जरीब रेखा पर कोई ऊँचा टीला आ जाये) तो अन्योन्य आरेखण (Reciprocal Ranging) विधि अपनायी जाती है।

Explanations:

जरीब मापन में बाधायें (Obstacles in chaining)– क्षेत्र में जरीब रेखा पर कई बार अनेक बाधायें आ जाती है, जिनके कारण नाप कार्य में दिक्कत आ जाती है। ये बाधायें मोटे तौर पर ऊँचा टीला, नदी, नाला, खाई, तालाब, भवन आदि होती है। सम्भावित बाधाओं का अध्ययन हम इन्हें निम्न श्रेणी में रखकर करेंगे। (i) आरेखण में बाधा (ii) जरीब मापन में बाधा (iii) आरेखण तथा जरीब मापन, दोनों में बाधा ■ जब आरेखण में बाधा आ जाये (जब जरीब रेखा पर कोई ऊँचा टीला आ जाये) तो अन्योन्य आरेखण (Reciprocal Ranging) विधि अपनायी जाती है।