Correct Answer:
Option C - शिक्षण के कुछ सामान्य सूत्र है, जिनके अनुसार शिक्षण कार्य करने से बच्चों को सीखने में सरलता, सुगमता और स्थायित्व प्राप्त होता है जैसे– विशिष्ट से सामान्य, ज्ञात से अज्ञात एवं मूर्त से अमूर्त की ओर; यह शिक्षण की आगमनात्मक विधि है। जबकि अमूर्त से मूर्त, सामान्य से विशिष्ट, अज्ञात से ज्ञात की ओर; यह शिक्षण की निगमनात्मक विधि है। निगमन विधि आगमन विधि के बिल्कुल विपरीत है।
C. शिक्षण के कुछ सामान्य सूत्र है, जिनके अनुसार शिक्षण कार्य करने से बच्चों को सीखने में सरलता, सुगमता और स्थायित्व प्राप्त होता है जैसे– विशिष्ट से सामान्य, ज्ञात से अज्ञात एवं मूर्त से अमूर्त की ओर; यह शिक्षण की आगमनात्मक विधि है। जबकि अमूर्त से मूर्त, सामान्य से विशिष्ट, अज्ञात से ज्ञात की ओर; यह शिक्षण की निगमनात्मक विधि है। निगमन विधि आगमन विधि के बिल्कुल विपरीत है।