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Q: Which of the following Indian Archaeologists first visited ;Bhimbetka Caves ; and discovered prehistoric significance of its rock paintings? निम्नलिखित में से किस भारतीय पुरात्त्ववेत्ता ने पहली बार ‘भीमबेटका गुफा’ को देखा और उसके शैलचित्रों के प्रागैतिहासिक महत्त्व को खोजा?
  • A. Madho Swroop Vatsa/माधोस्वरूप वत्स
  • B. H.D. Sankalia/एच.डी. संकालिया
  • C. V.S. Wakankar/वी.एस. वाकंकर
  • D. V.N. Mishra/वी.एन. मिश्रा
Correct Answer: Option C - मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित भीमबेटका नामक पुरास्थल का क्षेत्र गुफाओं एवं शिलाश्रयों के लिए प्रसिद्ध है, जिनकी संख्या यहां पर लगभग 500 है। भीमबेटका के अधिकांश शिलाश्रयों में मध्य पाषाणिक संस्कृति के पुरावशेष तथा समकालीन चित्रकला के साक्ष्य मिलते हैं। सर्वप्रथम भीमबेटका की खोज 1957-58 में प्रसिद्ध पुरातत्वविद् डा. विष्णु श्रीधर वाकणकर (वाकंकर) ने किया था। वर्ष 2003 में यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया है। विक्रमखोल गुफा (झारसुगुड़ा, ओडिशा) से प्रागैतिहासिक कालीन चित्रित लेखन प्रणाली का पता चलता है।
C. मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित भीमबेटका नामक पुरास्थल का क्षेत्र गुफाओं एवं शिलाश्रयों के लिए प्रसिद्ध है, जिनकी संख्या यहां पर लगभग 500 है। भीमबेटका के अधिकांश शिलाश्रयों में मध्य पाषाणिक संस्कृति के पुरावशेष तथा समकालीन चित्रकला के साक्ष्य मिलते हैं। सर्वप्रथम भीमबेटका की खोज 1957-58 में प्रसिद्ध पुरातत्वविद् डा. विष्णु श्रीधर वाकणकर (वाकंकर) ने किया था। वर्ष 2003 में यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया है। विक्रमखोल गुफा (झारसुगुड़ा, ओडिशा) से प्रागैतिहासिक कालीन चित्रित लेखन प्रणाली का पता चलता है।

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मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित भीमबेटका नामक पुरास्थल का क्षेत्र गुफाओं एवं शिलाश्रयों के लिए प्रसिद्ध है, जिनकी संख्या यहां पर लगभग 500 है। भीमबेटका के अधिकांश शिलाश्रयों में मध्य पाषाणिक संस्कृति के पुरावशेष तथा समकालीन चित्रकला के साक्ष्य मिलते हैं। सर्वप्रथम भीमबेटका की खोज 1957-58 में प्रसिद्ध पुरातत्वविद् डा. विष्णु श्रीधर वाकणकर (वाकंकर) ने किया था। वर्ष 2003 में यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया है। विक्रमखोल गुफा (झारसुगुड़ा, ओडिशा) से प्रागैतिहासिक कालीन चित्रित लेखन प्रणाली का पता चलता है।