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Q: ‘वे दिन वे लोग’ शीर्षक संस्मरणात्मक रचना के लेखक कौन है?
  • A. निर्मल वर्मा
  • B. शिवपूजन सहाय
  • C. रामविलास शर्मा
  • D. रघुवीर सहाय
Correct Answer: Option B - ‘वे दिन वे लोग’ शीर्षक संस्मरणात्मक रचना के लेखक शिवपूजन सहाय हैं। इनका जन्म अगस्त 1893 ई. में शाहाबाद (बिहार) तथा निधन जनवरी 1963 ई. में हुआ। साहित्य एवं शिक्षा में अभूतपूर्व योगदान के कारण इन्हें 1960 ई. में ‘पद्म भूषण’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। • स्मृति के आधार पर किसी विषय पर अथवा किसी व्यक्ति पर लिखित आलेख संस्मरण कहलाता है। संस्मरण में लेखक जो स्वयं अनुभव करता है उसी का चित्रण करता है। हिन्दी के प्रथम संस्मरणकार पद्मसिंह शर्मा है। इनकी प्रमुख रचना ‘पद्म पराग’ (1929 ई.) है। हिन्दी के प्रमुख रचनाकार एवं संस्मरण हैं- रामवृक्ष बेनीपुरी - जंजीरें और दीवारें हरिवंश राय बच्चन - नये पुराने झरोखे कमलेश्वर - मेरे हमदम मेरे दोस्त रामनाथ सुमन - मैनें स्मृति के दीप जलाएँ
B. ‘वे दिन वे लोग’ शीर्षक संस्मरणात्मक रचना के लेखक शिवपूजन सहाय हैं। इनका जन्म अगस्त 1893 ई. में शाहाबाद (बिहार) तथा निधन जनवरी 1963 ई. में हुआ। साहित्य एवं शिक्षा में अभूतपूर्व योगदान के कारण इन्हें 1960 ई. में ‘पद्म भूषण’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। • स्मृति के आधार पर किसी विषय पर अथवा किसी व्यक्ति पर लिखित आलेख संस्मरण कहलाता है। संस्मरण में लेखक जो स्वयं अनुभव करता है उसी का चित्रण करता है। हिन्दी के प्रथम संस्मरणकार पद्मसिंह शर्मा है। इनकी प्रमुख रचना ‘पद्म पराग’ (1929 ई.) है। हिन्दी के प्रमुख रचनाकार एवं संस्मरण हैं- रामवृक्ष बेनीपुरी - जंजीरें और दीवारें हरिवंश राय बच्चन - नये पुराने झरोखे कमलेश्वर - मेरे हमदम मेरे दोस्त रामनाथ सुमन - मैनें स्मृति के दीप जलाएँ

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‘वे दिन वे लोग’ शीर्षक संस्मरणात्मक रचना के लेखक शिवपूजन सहाय हैं। इनका जन्म अगस्त 1893 ई. में शाहाबाद (बिहार) तथा निधन जनवरी 1963 ई. में हुआ। साहित्य एवं शिक्षा में अभूतपूर्व योगदान के कारण इन्हें 1960 ई. में ‘पद्म भूषण’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। • स्मृति के आधार पर किसी विषय पर अथवा किसी व्यक्ति पर लिखित आलेख संस्मरण कहलाता है। संस्मरण में लेखक जो स्वयं अनुभव करता है उसी का चित्रण करता है। हिन्दी के प्रथम संस्मरणकार पद्मसिंह शर्मा है। इनकी प्रमुख रचना ‘पद्म पराग’ (1929 ई.) है। हिन्दी के प्रमुख रचनाकार एवं संस्मरण हैं- रामवृक्ष बेनीपुरी - जंजीरें और दीवारें हरिवंश राय बच्चन - नये पुराने झरोखे कमलेश्वर - मेरे हमदम मेरे दोस्त रामनाथ सुमन - मैनें स्मृति के दीप जलाएँ