Explanations:
मध्य प्रदेश का मटकी नृत्य स्थानीय स्तर पर ‘झेला’ कहलाने वाली अकेली महिला द्वारा शुरू किया जाता है। यह लोकनृत्य मालवा क्षेत्र का एक समुदाय नृत्य है। इस नृत्य में नर्तकियाँ ढोल की ताल पर नृत्य करती हैं।इसे स्थानीय स्तर पर मटकी कहा जाता है। मालवा क्षेत्र के अन्य लोक नृत्य राजवाड़ी, आड़ा खाड़ा, डंडा आदि हैं। बधाई और राई बुन्देलखण्ड के लोकनृत्य हैं, तथा गणगौर निमाड़ का लोकनृत्य है।