Correct Answer:
Option A - : चेक (checks):- असामान्य वृद्धि के कारण इमारती लकड़ी में अनुदैर्ध्य दरारें होती है, जो सामान्यत: वार्षिक वलय के लम्बवत होती है। यह लकड़ी के स्थायित्व पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
शल्क य छालसूजन(Rind galls):- जब वृक्ष के किसी शाखा को इसकी जड़ के पास से अनियमित ढंग से तथा दोषपूर्ण तरीके से काट दिया जाता है, तो उस स्थान पर घाव हो जाने से छाल फूल अथवा सूख जाती है और एक उभार नजर आने लगता है जिसे छाल सूजन कहते है।
फाक्सीनैस (Foxiness):- जीवित वृक्ष में जब इसके किसी भाग में किसी अवरोध के कारण रस (Sap) पहुँचना बन्द हो जाता है तो वृक्ष के उस भाग की काष्ठ पीली पड़ने लगती है। इस दोष को फाक्सीनैस कहते हैं। जब लम्बे समय तक स्टोर की हुई लकड़ी का उचित वातन नहीं होता है, तब भी यह दोष प्रकट होने लगता है।
अंत विभाजन(End splits):- ताजा हरी लकड़ी में नमी की मात्रा अधिक होती है लकड़ी का संशोषण करने पर लकड़ी सिकुड़ती है और उसमें दरारें पड़ जाती है।
A. : चेक (checks):- असामान्य वृद्धि के कारण इमारती लकड़ी में अनुदैर्ध्य दरारें होती है, जो सामान्यत: वार्षिक वलय के लम्बवत होती है। यह लकड़ी के स्थायित्व पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
शल्क य छालसूजन(Rind galls):- जब वृक्ष के किसी शाखा को इसकी जड़ के पास से अनियमित ढंग से तथा दोषपूर्ण तरीके से काट दिया जाता है, तो उस स्थान पर घाव हो जाने से छाल फूल अथवा सूख जाती है और एक उभार नजर आने लगता है जिसे छाल सूजन कहते है।
फाक्सीनैस (Foxiness):- जीवित वृक्ष में जब इसके किसी भाग में किसी अवरोध के कारण रस (Sap) पहुँचना बन्द हो जाता है तो वृक्ष के उस भाग की काष्ठ पीली पड़ने लगती है। इस दोष को फाक्सीनैस कहते हैं। जब लम्बे समय तक स्टोर की हुई लकड़ी का उचित वातन नहीं होता है, तब भी यह दोष प्रकट होने लगता है।
अंत विभाजन(End splits):- ताजा हरी लकड़ी में नमी की मात्रा अधिक होती है लकड़ी का संशोषण करने पर लकड़ी सिकुड़ती है और उसमें दरारें पड़ जाती है।