Correct Answer:
Option D - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 113 में प्राक्कलनों के संबंध में प्रक्रिया का उपबंध किया गया है।
अनुच्छेद 113(1) - सभी प्राक्कलन जो संचित निधि पर भारित है संसद में मतदान के लिए नहीं रखे जायेंगे, परन्तु उन पर चर्चा हो सकेगी।
अनुच्छेद 113(2) - संचित निधि पर भारित व्यय से भिन्न अन्य व्यय से संबंधित प्राक्कलन लोकसभा के समक्ष अनुदान मांगो के रूप में रखी जाती है। मांग को अनुमति देने, रोकने तथा निर्दिष्ट माँग की रकम कम करने की शक्ति लोकसभा में निहित होगी।
अनुच्छेद 113(3) - किसी भी अनुदान की मांग राष्ट्रपति की सिफारिश पर ही की जाएगी अन्यथा नहीं।
आमतौर पर प्रत्येक मंत्रालय या विभाग के संबंध में अनुदान की एक मांग प्रस्तुत की जाती है। बड़े मंत्रालयों तथा विभागों की तरफ से एक से अधिक मांग प्रस्तुत की जाती है। विधायिका रहित केन्द्र शासित प्रदेशों के संबंध में एक अलग मांग प्रस्तुत की जाती है। आम बजट में 109 मांगें 103 आम नागरिक प्रशासन एवं 6 सेना के खर्च) होती है, जबकि रेल बजट में 32 मांगें होती हैं। प्रत्येक मांग पर लोकसभा में अलग से मतदान होता है।
D. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 113 में प्राक्कलनों के संबंध में प्रक्रिया का उपबंध किया गया है।
अनुच्छेद 113(1) - सभी प्राक्कलन जो संचित निधि पर भारित है संसद में मतदान के लिए नहीं रखे जायेंगे, परन्तु उन पर चर्चा हो सकेगी।
अनुच्छेद 113(2) - संचित निधि पर भारित व्यय से भिन्न अन्य व्यय से संबंधित प्राक्कलन लोकसभा के समक्ष अनुदान मांगो के रूप में रखी जाती है। मांग को अनुमति देने, रोकने तथा निर्दिष्ट माँग की रकम कम करने की शक्ति लोकसभा में निहित होगी।
अनुच्छेद 113(3) - किसी भी अनुदान की मांग राष्ट्रपति की सिफारिश पर ही की जाएगी अन्यथा नहीं।
आमतौर पर प्रत्येक मंत्रालय या विभाग के संबंध में अनुदान की एक मांग प्रस्तुत की जाती है। बड़े मंत्रालयों तथा विभागों की तरफ से एक से अधिक मांग प्रस्तुत की जाती है। विधायिका रहित केन्द्र शासित प्रदेशों के संबंध में एक अलग मांग प्रस्तुत की जाती है। आम बजट में 109 मांगें 103 आम नागरिक प्रशासन एवं 6 सेना के खर्च) होती है, जबकि रेल बजट में 32 मांगें होती हैं। प्रत्येक मांग पर लोकसभा में अलग से मतदान होता है।