Correct Answer:
Option A - फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम में,अंगूठे और मध्यमा उंगली के बीच 90º का कोण बनता है। इस नियमानुसार बाएँ हाथ की तर्जनी, मध्यमा अंगुली और अंगूठे को इस तरह से फैलाया जाता है कि ये तीनों एक दूसरे के परस्पर लम्बवत हो और यदि तर्जनी चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा और मध्यमा चालक द्वारा प्रवाहित विद्युत धारा की दिशा की ओर संकेत करती है, तब अँगूठा चालक पर आरोपित बल की दिशा की ओर संकेत करता है। इस नियम को फ्लेमिंग का वामहस्त नियम भी कहा जाता है।
A. फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम में,अंगूठे और मध्यमा उंगली के बीच 90º का कोण बनता है। इस नियमानुसार बाएँ हाथ की तर्जनी, मध्यमा अंगुली और अंगूठे को इस तरह से फैलाया जाता है कि ये तीनों एक दूसरे के परस्पर लम्बवत हो और यदि तर्जनी चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा और मध्यमा चालक द्वारा प्रवाहित विद्युत धारा की दिशा की ओर संकेत करती है, तब अँगूठा चालक पर आरोपित बल की दिशा की ओर संकेत करता है। इस नियम को फ्लेमिंग का वामहस्त नियम भी कहा जाता है।