search
Q: Which of the following are the risks of plagiarism for the researcher who plagiarises? A. Losing of the Inspiration/प्रेरणा का ह्रास B. Losing of the obtained titles प्राप्त शीर्षकों का ह्रास C. Destruction of obtained solutions प्राप्त समाधान का विनाश D. Destroying the public image लोक छवि का विध्वंस Choose the most appropriate answer from the options given below :/नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :
  • A. A and C Only/केवल A और C
  • B. B and C Only/केवल B और C
  • C. B and D Only/केवल B और D
  • D. C and D Only/केवल C और D
Correct Answer: Option C - शोधकर्ता हेतु साहित्यिक चौर्य (Plagiarism) के जोखिम हैं (i) प्राप्त शीर्षकों का ह्रास– साहित्यिक चौर्य के कारण शोधकर्ता की अकादमिक विश्वसनीयता और प्राप्त शीर्षक (जैसे डिग्री, पुरस्कार) खतरे में पड़ सकते हैं, क्योंकि संस्थान इसे गंभीर उल्लंघन मानते है। (ii) लोक छवि का विधवंस– साहित्यिक चौर्य से शोधकर्ता की सार्वजनिक और अकादमिक छवि को गंभीर नुकसान हो सकता है, क्योंकि यह नैतिकता और विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। अत: विकल्प (c) सत्य है।
C. शोधकर्ता हेतु साहित्यिक चौर्य (Plagiarism) के जोखिम हैं (i) प्राप्त शीर्षकों का ह्रास– साहित्यिक चौर्य के कारण शोधकर्ता की अकादमिक विश्वसनीयता और प्राप्त शीर्षक (जैसे डिग्री, पुरस्कार) खतरे में पड़ सकते हैं, क्योंकि संस्थान इसे गंभीर उल्लंघन मानते है। (ii) लोक छवि का विधवंस– साहित्यिक चौर्य से शोधकर्ता की सार्वजनिक और अकादमिक छवि को गंभीर नुकसान हो सकता है, क्योंकि यह नैतिकता और विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। अत: विकल्प (c) सत्य है।

Explanations:

शोधकर्ता हेतु साहित्यिक चौर्य (Plagiarism) के जोखिम हैं (i) प्राप्त शीर्षकों का ह्रास– साहित्यिक चौर्य के कारण शोधकर्ता की अकादमिक विश्वसनीयता और प्राप्त शीर्षक (जैसे डिग्री, पुरस्कार) खतरे में पड़ सकते हैं, क्योंकि संस्थान इसे गंभीर उल्लंघन मानते है। (ii) लोक छवि का विधवंस– साहित्यिक चौर्य से शोधकर्ता की सार्वजनिक और अकादमिक छवि को गंभीर नुकसान हो सकता है, क्योंकि यह नैतिकता और विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। अत: विकल्प (c) सत्य है।