Correct Answer:
Option C - जहाँ किसी का वर्णन इतना बढ़ा-चढ़ाकर किया जाये कि सीमा या मर्यादा का उल्लंघन हो जाय, वहाँ पर ‘अतिशयोक्ति अलंकार’ होता है।
जैसे- ‘‘आगे नदियाँ पड़ी अपार, घोड़ा कैसे उतरे पार।’’
राणा ने देखा इस पार, तब तक चेतक था उस पार।।’’
C. जहाँ किसी का वर्णन इतना बढ़ा-चढ़ाकर किया जाये कि सीमा या मर्यादा का उल्लंघन हो जाय, वहाँ पर ‘अतिशयोक्ति अलंकार’ होता है।
जैसे- ‘‘आगे नदियाँ पड़ी अपार, घोड़ा कैसे उतरे पार।’’
राणा ने देखा इस पार, तब तक चेतक था उस पार।।’’