Correct Answer:
Option B - प्रो. अमत्र्य सेन का संबंध सक्षमता उपागम से है। अमत्र्य सेन ने अपने अर्थशास्त्रीय विवेचना के दौरान उन्होंने समाज के निम्नतर व्यक्ति की आर्थिक व सामाजिक जरूरतों को समझने व गरीबी के कारणों की समीक्षा करने पर पूरा ध्यान दिया। उन्होंने समाज में आय-वितरण की स्थिति को दर्शाने के लिए निर्धनता सूचकांक विकसित व अन्य कल्याण संकेतकों को परिभाषित किया। अमर्त्य सेन के अनुसार कल्याण की स्थिति तक पहुँचने के लिए समता महत्वपूर्ण नहीं होती है, महत्व हमेशा उन गतिविधियों का होता है जिनके लिए समता की आवश्यकता पड़ती है। लोकतंत्र अपने नागरिकों के विकास के लिए सबकोे समान अवसर उपलब्ध कराने का पक्षधर होता है लेकिन अवसर ही न हो तो? पुनश्च: समान आय का महत्व उसके अनुसार उनके द्वारा सृजित अवसरों के कारण होता है। अमर्त्य सेन ने इन अवसरों को ‘क्षमताएं’ भी कहा है। इन अवसरों (या क्षमताओं) की आवश्यकता व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, समाजिक समानता तथा संसाधनों के विस्तारण की स्थिति पर भी निर्भर करती है। अमर्त्य सेन को 1998 में कल्याणकारी अर्थशास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
B. प्रो. अमत्र्य सेन का संबंध सक्षमता उपागम से है। अमत्र्य सेन ने अपने अर्थशास्त्रीय विवेचना के दौरान उन्होंने समाज के निम्नतर व्यक्ति की आर्थिक व सामाजिक जरूरतों को समझने व गरीबी के कारणों की समीक्षा करने पर पूरा ध्यान दिया। उन्होंने समाज में आय-वितरण की स्थिति को दर्शाने के लिए निर्धनता सूचकांक विकसित व अन्य कल्याण संकेतकों को परिभाषित किया। अमर्त्य सेन के अनुसार कल्याण की स्थिति तक पहुँचने के लिए समता महत्वपूर्ण नहीं होती है, महत्व हमेशा उन गतिविधियों का होता है जिनके लिए समता की आवश्यकता पड़ती है। लोकतंत्र अपने नागरिकों के विकास के लिए सबकोे समान अवसर उपलब्ध कराने का पक्षधर होता है लेकिन अवसर ही न हो तो? पुनश्च: समान आय का महत्व उसके अनुसार उनके द्वारा सृजित अवसरों के कारण होता है। अमर्त्य सेन ने इन अवसरों को ‘क्षमताएं’ भी कहा है। इन अवसरों (या क्षमताओं) की आवश्यकता व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, समाजिक समानता तथा संसाधनों के विस्तारण की स्थिति पर भी निर्भर करती है। अमर्त्य सेन को 1998 में कल्याणकारी अर्थशास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।