Correct Answer:
Option D - सिंधु घाटी सभ्यता के लोगों को बैल, घोड़ा, हाथी सभी जानवरों के बारे में पता था। मोहनजोदड़ों से छोटे सिंग व बिना कुबड़ वाले बैल की मूर्तियाँ (एक शृंगी बैल), वृषभ के अतिरिक्त भैंस, बन्दर, कुत्ते बड़ी संख्या में मिले हैं। सुरकोटडा के अन्तिम स्तर में घोड़े की अस्थियाँ मिली है। घोड़े की अस्थियाँ अन्य किसी हड़प्पाकालीन स्थल से नहीं मिली है। मेसोपोटामिया में प्रचलित बेलनाकार मुहर, पूरा हाथी दाँत, के साक्ष्य मिले है। इससे पता चलता है कि सिंधु सभ्यता के लोग सभी जानवरों से परिचित थे।
नोट: बिहार लोक सेवा आयोग ने इसका उत्तर (b) माना है।
D. सिंधु घाटी सभ्यता के लोगों को बैल, घोड़ा, हाथी सभी जानवरों के बारे में पता था। मोहनजोदड़ों से छोटे सिंग व बिना कुबड़ वाले बैल की मूर्तियाँ (एक शृंगी बैल), वृषभ के अतिरिक्त भैंस, बन्दर, कुत्ते बड़ी संख्या में मिले हैं। सुरकोटडा के अन्तिम स्तर में घोड़े की अस्थियाँ मिली है। घोड़े की अस्थियाँ अन्य किसी हड़प्पाकालीन स्थल से नहीं मिली है। मेसोपोटामिया में प्रचलित बेलनाकार मुहर, पूरा हाथी दाँत, के साक्ष्य मिले है। इससे पता चलता है कि सिंधु सभ्यता के लोग सभी जानवरों से परिचित थे।
नोट: बिहार लोक सेवा आयोग ने इसका उत्तर (b) माना है।