Correct Answer:
Option C - थियोडोलाइट का स्थायी समायोजन–
क्षैतिज अक्ष, ऊर्ध्वाधर अक्ष के लम्ब होना चाहिए।
ऊपरी लम्बी पाणसल का अक्ष, दूरबीन की संधान रेखा के समान्तर होना चाहिए।
संधान रेखा, दूरबीन के अक्ष के सम्पाती हो और उपकरण के ऊर्ध्वाधर अक्ष के लम्ब होनी चाहिए।
निचली पाणसलों का अक्ष उपकरण के ऊर्ध्वाधर अक्ष के लम्ब होना चाहिए।
जब संधान रेखा क्षैतिज हो, तब ऊर्ध्वाधर चक्री पर पाठ्यांक शून्य होना चाहिए।
C. थियोडोलाइट का स्थायी समायोजन–
क्षैतिज अक्ष, ऊर्ध्वाधर अक्ष के लम्ब होना चाहिए।
ऊपरी लम्बी पाणसल का अक्ष, दूरबीन की संधान रेखा के समान्तर होना चाहिए।
संधान रेखा, दूरबीन के अक्ष के सम्पाती हो और उपकरण के ऊर्ध्वाधर अक्ष के लम्ब होनी चाहिए।
निचली पाणसलों का अक्ष उपकरण के ऊर्ध्वाधर अक्ष के लम्ब होना चाहिए।
जब संधान रेखा क्षैतिज हो, तब ऊर्ध्वाधर चक्री पर पाठ्यांक शून्य होना चाहिए।