Correct Answer:
Option C - शीतेन कम्पमानम् वानरं खगा: अवदन्। ठण्ड से कंप रहे बंदरों से पक्षियों ने कहा भो वानर! त्वं कष्टं अनुभवसि। तव कथं गृहस्य निर्माणं न करोषि। हे बंदर! तुम कष्ट का अनुभव कर रहे हो। तुमने क्यों घर का निर्माण नहीं किया।
अवदन् लङ्लकार प्रथम पुरुष बहुवचन का रूप है।
C. शीतेन कम्पमानम् वानरं खगा: अवदन्। ठण्ड से कंप रहे बंदरों से पक्षियों ने कहा भो वानर! त्वं कष्टं अनुभवसि। तव कथं गृहस्य निर्माणं न करोषि। हे बंदर! तुम कष्ट का अनुभव कर रहे हो। तुमने क्यों घर का निर्माण नहीं किया।
अवदन् लङ्लकार प्रथम पुरुष बहुवचन का रूप है।