Correct Answer:
Option D - रुप्यारूप प्रकार के सिक्कों के निर्माण में रजत की अधिकता होती थी। मौर्यकाल में रूप्यारूप, कर्षापण, पण, धरण आदि चाँदी का आहत सिक्का था। मौर्यकाल में सुवर्ण व निष्क सोने का आहत सिक्का था जबकि माषक व काकणी ताँबे का आहत सिक्का था।
D. रुप्यारूप प्रकार के सिक्कों के निर्माण में रजत की अधिकता होती थी। मौर्यकाल में रूप्यारूप, कर्षापण, पण, धरण आदि चाँदी का आहत सिक्का था। मौर्यकाल में सुवर्ण व निष्क सोने का आहत सिक्का था जबकि माषक व काकणी ताँबे का आहत सिक्का था।