Correct Answer:
Option D - प्लेसेन्टा के पृथक होने के लिए तापमान नहीं बढ़ता है। जबकि योनि पर गर्भनाल का लम्बा होना, खून का बहाव, फंडस नाभि तक रिसना आदि प्लेसेन्टा के पृथक होने के लक्षण है। गर्भाशयी संकुचन (Uterine contraction) तथा रिटे्रक्शन (Retraction) प्लेसेन्टा के पृथक होने मेें मुख्य भूमिका निभाते है। गर्भस्थ शिशु की डिलीवरी हो जाने के बाद गर्भाशयी गुहा (Uterine cavity) के आकार में अत्यधिक कमी हो जाने के फलस्वरूप ही Placenta का पृथक्करण (Separation) होता है।
D. प्लेसेन्टा के पृथक होने के लिए तापमान नहीं बढ़ता है। जबकि योनि पर गर्भनाल का लम्बा होना, खून का बहाव, फंडस नाभि तक रिसना आदि प्लेसेन्टा के पृथक होने के लक्षण है। गर्भाशयी संकुचन (Uterine contraction) तथा रिटे्रक्शन (Retraction) प्लेसेन्टा के पृथक होने मेें मुख्य भूमिका निभाते है। गर्भस्थ शिशु की डिलीवरी हो जाने के बाद गर्भाशयी गुहा (Uterine cavity) के आकार में अत्यधिक कमी हो जाने के फलस्वरूप ही Placenta का पृथक्करण (Separation) होता है।