Correct Answer:
Option C - गैर-हिंदी भाषी लेखकों और साहित्यकारों को लेखन-सृजन द्वारा हिन्दी की समृद्धि में उनके योगदान के लिए राष्ट्रीय हिन्दी सेवा सम्मान पुरस्कार दिया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 1989 में आगरा के केन्द्रीय हिन्दी संस्थान ने की थी। प्रतिवर्ष यह पुरस्कार हिन्दी के 14 विद्वानों को प्रदान किया जाता है।
C. गैर-हिंदी भाषी लेखकों और साहित्यकारों को लेखन-सृजन द्वारा हिन्दी की समृद्धि में उनके योगदान के लिए राष्ट्रीय हिन्दी सेवा सम्मान पुरस्कार दिया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 1989 में आगरा के केन्द्रीय हिन्दी संस्थान ने की थी। प्रतिवर्ष यह पुरस्कार हिन्दी के 14 विद्वानों को प्रदान किया जाता है।