Explanations:
असीरियन राजा असुरबनिपाल (668–627 ई.पू.) ने अपनी राजधानी नीनवे में एक पुस्तकालय की स्थापना की थी। इस पुस्तकालय में इतिहास महाकाव्य, शकुन साहित्य, ज्योतिष विद्या, और कविताओं की पट्टिकाओं को इकठ्ठा करने का बहुत प्रयत्न किया और उसमें सफल भी रहा उसने लिपिकों को दक्षिण में पुरानी पट्टिकाओं का पता लगाने के लिए भेजा था।