Correct Answer:
Option B - झूला पुल(Suspension Bridges)- यह पुल किनारों पर खड़े किये गये आलम्बों के बीच ताने गये रस्सी के सहारे, झूले की भाँति नदी, नाले, खाई के ऊपर लटका रहता है अतः इसे झूला पुल कहते है यातायात के निकलते समय यह पुल कुछ झोल अवश्य लेता है परन्तु अपने संरेखण पर बना रहता है झूला पुल का पाट 600 मीटर से भी अधिक होता है।
गर्डर पुल (Girder Bridges)- ये पुल स्थानीय गर्डरों से बनाये जाते है पुल के लिए पाट व भार के आधार पर एकल अथवा संघटित रचित गर्डरो का प्रयोग किया जाता है गर्डर पुल 7.5 मीटर से 30 मीटर पाट तक निर्माण किये जाते है।
B. झूला पुल(Suspension Bridges)- यह पुल किनारों पर खड़े किये गये आलम्बों के बीच ताने गये रस्सी के सहारे, झूले की भाँति नदी, नाले, खाई के ऊपर लटका रहता है अतः इसे झूला पुल कहते है यातायात के निकलते समय यह पुल कुछ झोल अवश्य लेता है परन्तु अपने संरेखण पर बना रहता है झूला पुल का पाट 600 मीटर से भी अधिक होता है।
गर्डर पुल (Girder Bridges)- ये पुल स्थानीय गर्डरों से बनाये जाते है पुल के लिए पाट व भार के आधार पर एकल अथवा संघटित रचित गर्डरो का प्रयोग किया जाता है गर्डर पुल 7.5 मीटर से 30 मीटर पाट तक निर्माण किये जाते है।