Correct Answer:
Option D - संघ इकाइनेडर्मेटा समुद्री जीव होते हैं। इनका शरीर गोल, नालवत् या तारसदृश, त्रिस्तरीय, खण्डविहीन होता है। इसमें वास्तविक देहगुहा पायी जाती है जो शिशु प्रवस्था में द्वि-पार्श्विक सममित परन्तु वयस्क में पंचतयी अरीय हो जाती है। वास्तविक देहगुहा रोमाभि पेरीटोनियम द्वारा घिरी तथा अनेक नलिकाओं एवं पात्रों में बंटी जिनसे कि तीन विशिष्ट तंत्र बनते हैं– जल-संवहनी, हीमल तथा पेरीहीमल।
D. संघ इकाइनेडर्मेटा समुद्री जीव होते हैं। इनका शरीर गोल, नालवत् या तारसदृश, त्रिस्तरीय, खण्डविहीन होता है। इसमें वास्तविक देहगुहा पायी जाती है जो शिशु प्रवस्था में द्वि-पार्श्विक सममित परन्तु वयस्क में पंचतयी अरीय हो जाती है। वास्तविक देहगुहा रोमाभि पेरीटोनियम द्वारा घिरी तथा अनेक नलिकाओं एवं पात्रों में बंटी जिनसे कि तीन विशिष्ट तंत्र बनते हैं– जल-संवहनी, हीमल तथा पेरीहीमल।