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Q: ‘‘वृत्तवर्तिष्यमाणानां कथाशानां निदर्शक:’’ यह लक्षण है
  • A. प्रवेशकं का
  • B. अङ्कावतार का
  • C. अङ्कास्य का
  • D. विष्कम्भक का
Correct Answer: Option D - ‘‘वृत्तवर्तिष्यमाणानां कथाशानां निदर्शक:’’ संक्षिप्तार्थस्तु विष्कम्भ आदावज्र्स्य दर्शित:।।’’यह विष्कम्भक का लक्षण है। जो भूत और भावी कथा भागों की सूचना प्रदान करता है और अङ्क की अपेक्षा कम विस्तार रखता है तथा जिसकी योजना अङ्क के आरम्भ में ही हो जाती है वह विष्कम्भक कहलाता है। विष्कम्भक दो प्रकार का होता है– 1- शुद्ध विष्कम्भक 2- संङ्कीर्ण विष्कम्भक
D. ‘‘वृत्तवर्तिष्यमाणानां कथाशानां निदर्शक:’’ संक्षिप्तार्थस्तु विष्कम्भ आदावज्र्स्य दर्शित:।।’’यह विष्कम्भक का लक्षण है। जो भूत और भावी कथा भागों की सूचना प्रदान करता है और अङ्क की अपेक्षा कम विस्तार रखता है तथा जिसकी योजना अङ्क के आरम्भ में ही हो जाती है वह विष्कम्भक कहलाता है। विष्कम्भक दो प्रकार का होता है– 1- शुद्ध विष्कम्भक 2- संङ्कीर्ण विष्कम्भक

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‘‘वृत्तवर्तिष्यमाणानां कथाशानां निदर्शक:’’ संक्षिप्तार्थस्तु विष्कम्भ आदावज्र्स्य दर्शित:।।’’यह विष्कम्भक का लक्षण है। जो भूत और भावी कथा भागों की सूचना प्रदान करता है और अङ्क की अपेक्षा कम विस्तार रखता है तथा जिसकी योजना अङ्क के आरम्भ में ही हो जाती है वह विष्कम्भक कहलाता है। विष्कम्भक दो प्रकार का होता है– 1- शुद्ध विष्कम्भक 2- संङ्कीर्ण विष्कम्भक