Correct Answer:
Option C - लेखांकन की रूढि़वादिता विचारधारा यह बतलाती है कि व्यवसायी को पुस्तकों के सभी संभावित हानियों का प्रावधान पूर्व में ही कर लेना चाहिए जबकि सम्भावित लाभों को पुस्तकों में लाभों को प्राप्त होने पर ही स्थान देना चाहिए पूर्व में नहीं। डूबत ऋणों के लिए प्रावधान इसका अच्छा उदाहरण है। व्यवसायी उसके द्वारा दिए गए ऋणों का कुछ हिस्सा यह मानकर प्रावधान करता है कि वह वापस प्राप्त नहीं होंगे जबकि हो सकता है कि वह पूर्णतय: प्राप्त हो जाए।
C. लेखांकन की रूढि़वादिता विचारधारा यह बतलाती है कि व्यवसायी को पुस्तकों के सभी संभावित हानियों का प्रावधान पूर्व में ही कर लेना चाहिए जबकि सम्भावित लाभों को पुस्तकों में लाभों को प्राप्त होने पर ही स्थान देना चाहिए पूर्व में नहीं। डूबत ऋणों के लिए प्रावधान इसका अच्छा उदाहरण है। व्यवसायी उसके द्वारा दिए गए ऋणों का कुछ हिस्सा यह मानकर प्रावधान करता है कि वह वापस प्राप्त नहीं होंगे जबकि हो सकता है कि वह पूर्णतय: प्राप्त हो जाए।