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Q: कथन (A) : बच्चों के विकास पर शैशवास्था तक ध्यान देना जरूरी है। तर्क (R) : यद्यपि जीवन के शुरुआती कुछ वर्ष विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, मस्तिष्क नमनीयता के दृष्टिकोण से पूरी बाल्यावास्था और किशोरावस्था संवेदनशील अवधि है। सही विकल्प चुनें ।
  • A. (A) और (R) दोनों सही हैं और (R) सही व्याख्या करता है (A) की।
  • B. (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R) सही व्याख्या नहीं है (A) की।
  • C. (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • D. (A) और (R) दोनों गलत हैं।
Correct Answer: Option A - बच्चों के विकास पर शैशवास्था से किशोरावस्था तक ध्यान देना जरूरी है क्योंकि जीवन के शुरूआती कुछ वर्ष विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, मस्तिष्क नमनीयता के दृष्टिकोण से पूरी बाल्यावस्था और किशोरावस्था संवेदनशील अवधि है। विकास सतत्-रूप से चलने वाली प्रक्रिया है जो जन्म से लेकर मृत्युपर्यन्त तक चलती रहती है। बच्चे कई संवेदनशील अवधियों से गुजरते हैं, जिसके दौरान वे विशेष रूप से कुछ प्रकार की उत्तेजनाओं के लिए ग्रहणशील होते हैं। प्रत्येक संवेदनशील अवधि के दौरान, एक बच्चा स्वाभाविक रूप से अपनी ऊर्जा पर ध्यान केन्द्रित करेगा और एक या एक से अधिक विशेष प्रकार की बातचीत या उत्तेजना पर ध्यान केन्द्रित करेगा। अत: (A) और (B) दोनों सही हैं और (R) सही व्याख्या करता है (A) की।
A. बच्चों के विकास पर शैशवास्था से किशोरावस्था तक ध्यान देना जरूरी है क्योंकि जीवन के शुरूआती कुछ वर्ष विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, मस्तिष्क नमनीयता के दृष्टिकोण से पूरी बाल्यावस्था और किशोरावस्था संवेदनशील अवधि है। विकास सतत्-रूप से चलने वाली प्रक्रिया है जो जन्म से लेकर मृत्युपर्यन्त तक चलती रहती है। बच्चे कई संवेदनशील अवधियों से गुजरते हैं, जिसके दौरान वे विशेष रूप से कुछ प्रकार की उत्तेजनाओं के लिए ग्रहणशील होते हैं। प्रत्येक संवेदनशील अवधि के दौरान, एक बच्चा स्वाभाविक रूप से अपनी ऊर्जा पर ध्यान केन्द्रित करेगा और एक या एक से अधिक विशेष प्रकार की बातचीत या उत्तेजना पर ध्यान केन्द्रित करेगा। अत: (A) और (B) दोनों सही हैं और (R) सही व्याख्या करता है (A) की।

Explanations:

बच्चों के विकास पर शैशवास्था से किशोरावस्था तक ध्यान देना जरूरी है क्योंकि जीवन के शुरूआती कुछ वर्ष विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, मस्तिष्क नमनीयता के दृष्टिकोण से पूरी बाल्यावस्था और किशोरावस्था संवेदनशील अवधि है। विकास सतत्-रूप से चलने वाली प्रक्रिया है जो जन्म से लेकर मृत्युपर्यन्त तक चलती रहती है। बच्चे कई संवेदनशील अवधियों से गुजरते हैं, जिसके दौरान वे विशेष रूप से कुछ प्रकार की उत्तेजनाओं के लिए ग्रहणशील होते हैं। प्रत्येक संवेदनशील अवधि के दौरान, एक बच्चा स्वाभाविक रूप से अपनी ऊर्जा पर ध्यान केन्द्रित करेगा और एक या एक से अधिक विशेष प्रकार की बातचीत या उत्तेजना पर ध्यान केन्द्रित करेगा। अत: (A) और (B) दोनों सही हैं और (R) सही व्याख्या करता है (A) की।