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Q: वीरेश्वर सेन इसके लिए विख्यात थे–
  • A. छाप
  • B. मूर्ति
  • C. वाश चित्र
  • D. दृश्य चित्र
Correct Answer: Option D - • वीरेश्वर सेन दृश्य चित्र के लिये विख्यात थे। • वीरेश्वर सेन का जन्म सन् 1897 ई. में कोलकाता में हुआ था ये लखनऊ आट्र्स कालेज से सम्बन्धित थे और प्रमुख रूप से भू-दृश्य चित्रकार (सैरा-कलाकार) के लिए जाने जाते है। इन्होंने सर्वाधिक कार्य जलरंग माध्यम में किये हैं इनके चित्रण का प्रमुख विषय पेड़-पौधे और हिमालय पर्वत आदि रहे साथ ही इनके चित्रण पर रूसी कलाकर निकोलस रोरिक का प्रभाव परिलक्षित होता है। प्रमुख चित्र - सोते सिंह, ब्लू एण्ड गोल्ड, स्वर्ण पर्वत, तीार्थयात्री, माउण्टेन, पार्वती, बोट, चिन्तन आदि।
D. • वीरेश्वर सेन दृश्य चित्र के लिये विख्यात थे। • वीरेश्वर सेन का जन्म सन् 1897 ई. में कोलकाता में हुआ था ये लखनऊ आट्र्स कालेज से सम्बन्धित थे और प्रमुख रूप से भू-दृश्य चित्रकार (सैरा-कलाकार) के लिए जाने जाते है। इन्होंने सर्वाधिक कार्य जलरंग माध्यम में किये हैं इनके चित्रण का प्रमुख विषय पेड़-पौधे और हिमालय पर्वत आदि रहे साथ ही इनके चित्रण पर रूसी कलाकर निकोलस रोरिक का प्रभाव परिलक्षित होता है। प्रमुख चित्र - सोते सिंह, ब्लू एण्ड गोल्ड, स्वर्ण पर्वत, तीार्थयात्री, माउण्टेन, पार्वती, बोट, चिन्तन आदि।

Explanations:

• वीरेश्वर सेन दृश्य चित्र के लिये विख्यात थे। • वीरेश्वर सेन का जन्म सन् 1897 ई. में कोलकाता में हुआ था ये लखनऊ आट्र्स कालेज से सम्बन्धित थे और प्रमुख रूप से भू-दृश्य चित्रकार (सैरा-कलाकार) के लिए जाने जाते है। इन्होंने सर्वाधिक कार्य जलरंग माध्यम में किये हैं इनके चित्रण का प्रमुख विषय पेड़-पौधे और हिमालय पर्वत आदि रहे साथ ही इनके चित्रण पर रूसी कलाकर निकोलस रोरिक का प्रभाव परिलक्षित होता है। प्रमुख चित्र - सोते सिंह, ब्लू एण्ड गोल्ड, स्वर्ण पर्वत, तीार्थयात्री, माउण्टेन, पार्वती, बोट, चिन्तन आदि।