Correct Answer:
Option C - `वेपथु' सात्वीक अनुभाव होता है। अनुभाव के दो भेद होते हैं – (i) कायिक, (ii) सात्वीक । कायिक अनुभाव के अंतर्गत जो क्रियायें शरीर द्वारा की जाती हैं आयेंगी जैसे - इशारे करना, सीटी बजाना, क्रोध में भला बुरा कहना, रति में चुंबन, आलिंगन , कटाक्ष, भय से भागना आदि सात्वीक अनुभाव के अंतर्गत जो चेष्टाएं शरीर की स्वाभाविक क्रिया के रूप में होती हैं। ये 10 प्रकार की होती हैं। सात्वीक अनुभाव को `तन संचारी' भी कहते हैं।
C. `वेपथु' सात्वीक अनुभाव होता है। अनुभाव के दो भेद होते हैं – (i) कायिक, (ii) सात्वीक । कायिक अनुभाव के अंतर्गत जो क्रियायें शरीर द्वारा की जाती हैं आयेंगी जैसे - इशारे करना, सीटी बजाना, क्रोध में भला बुरा कहना, रति में चुंबन, आलिंगन , कटाक्ष, भय से भागना आदि सात्वीक अनुभाव के अंतर्गत जो चेष्टाएं शरीर की स्वाभाविक क्रिया के रूप में होती हैं। ये 10 प्रकार की होती हैं। सात्वीक अनुभाव को `तन संचारी' भी कहते हैं।