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Q: वनागमनकारणं मन्थरेण क: पृष्ट:
  • A. मूषिकराज:
  • B. चूडाकर्ण:
  • C. सुहृत्कर्ण:
  • D. सर्पराज:
Correct Answer: Option A - वनागमन कारणं मन्थरेण मूषिकराज: पृष्ट:। अर्थात् वन आगमन का कारण मन्थर नने मूषकराज से पूछाँ। मूषकराज हिरणयक नाम से विख्यात है। पृष्ट: में पृष् धातु से क्त प्रत्यय का प्रयोग हुआ है। क्त प्रत्यय का प्रयोग होने से ‘मन्थरेण मूषकराज: पृष्ट: कर्मवाच्य का वाक्य है।
A. वनागमन कारणं मन्थरेण मूषिकराज: पृष्ट:। अर्थात् वन आगमन का कारण मन्थर नने मूषकराज से पूछाँ। मूषकराज हिरणयक नाम से विख्यात है। पृष्ट: में पृष् धातु से क्त प्रत्यय का प्रयोग हुआ है। क्त प्रत्यय का प्रयोग होने से ‘मन्थरेण मूषकराज: पृष्ट: कर्मवाच्य का वाक्य है।

Explanations:

वनागमन कारणं मन्थरेण मूषिकराज: पृष्ट:। अर्थात् वन आगमन का कारण मन्थर नने मूषकराज से पूछाँ। मूषकराज हिरणयक नाम से विख्यात है। पृष्ट: में पृष् धातु से क्त प्रत्यय का प्रयोग हुआ है। क्त प्रत्यय का प्रयोग होने से ‘मन्थरेण मूषकराज: पृष्ट: कर्मवाच्य का वाक्य है।