Correct Answer:
Option A - ‘देव जो महान है’ कर्मधारय समास है। जिस समास में प्रथम पद विशेषण तथा दूसरा पद विशेष्य (संज्ञा) हो, कर्मधारय समास होता है। इसमें ‘देव’ विशेष्य तथा ‘महान’ विशेषण है। जहाँ प्रथम पद तथा दूसरा पद दोनों मिलकर किसी अन्य की विशेषता बताएं। बहुव्रीहि समास कहलाता है।
जैसे- दशानन, चन्द्रशेखर, लम्बोदर। जिस समास में विभक्ति (कारक) का लोप हो, तत्पुरूष समास होता है। जैसे- गंगनचुम्बी, कठफोड़वा, राजपुत्र, नरेश, निशाचर। जहाँ प्रथम पद प्रधान तथा दूसरा पद संज्ञा हो अव्ययीभाव समास कहलाता है। जैसे– यथाशीघ्र, प्रत्येक, प्रत्याहार, आगत, आमरण, प्रतिदिन, भरपेट।
A. ‘देव जो महान है’ कर्मधारय समास है। जिस समास में प्रथम पद विशेषण तथा दूसरा पद विशेष्य (संज्ञा) हो, कर्मधारय समास होता है। इसमें ‘देव’ विशेष्य तथा ‘महान’ विशेषण है। जहाँ प्रथम पद तथा दूसरा पद दोनों मिलकर किसी अन्य की विशेषता बताएं। बहुव्रीहि समास कहलाता है।
जैसे- दशानन, चन्द्रशेखर, लम्बोदर। जिस समास में विभक्ति (कारक) का लोप हो, तत्पुरूष समास होता है। जैसे- गंगनचुम्बी, कठफोड़वा, राजपुत्र, नरेश, निशाचर। जहाँ प्रथम पद प्रधान तथा दूसरा पद संज्ञा हो अव्ययीभाव समास कहलाता है। जैसे– यथाशीघ्र, प्रत्येक, प्रत्याहार, आगत, आमरण, प्रतिदिन, भरपेट।