Correct Answer:
Option D - वाइगोत्सकी के अनुसार बालक के संज्ञानात्मक विकास की व्याख्या उसके सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश के परिप्रेक्ष्य में करनी चाहिए। किसी बालक का सामाजीकरण जिस सामाजिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य में हुुआ रहता है, उसी के अनुरूप उसमें भाव, विचार, दृष्टिकोण एवं मानसिक क्षमताओं का विकास होता है।
D. वाइगोत्सकी के अनुसार बालक के संज्ञानात्मक विकास की व्याख्या उसके सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश के परिप्रेक्ष्य में करनी चाहिए। किसी बालक का सामाजीकरण जिस सामाजिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य में हुुआ रहता है, उसी के अनुरूप उसमें भाव, विचार, दृष्टिकोण एवं मानसिक क्षमताओं का विकास होता है।