Correct Answer:
Option A - अशोक के सभी स्तंभलेख, सभी गुहालेख और अधिकांश शिलालेखों में ब्राह्मीलिपि का ही प्रयोग हुआ है। कुछ वृहद शिलालेख और कुछ लघु शिलालेख में खरोष्ठी, आरमाइक तथा ग्रीक लिपि का प्रयोग किया गया है। उत्तर-पश्चिम भाग में उत्कीर्ण अशोक के अभिलेख आरमाइक, ग्रीक व खरोष्ठी लिपि में हैं। अशोक का 5वाँ शिलालेख धम्म महामात्र की नियुक्ति का उल्लेख करता है, पृथक कलिंग शिलालेख I में अशोक घोषणा करता है कि ‘सभी मनुष्य मेरी संताने हैं’। गुर्जरा, मास्की, नेट्टुर और उरगेलम अभिलेख में अशोक का नामोल्लेख हुआ है।
A. अशोक के सभी स्तंभलेख, सभी गुहालेख और अधिकांश शिलालेखों में ब्राह्मीलिपि का ही प्रयोग हुआ है। कुछ वृहद शिलालेख और कुछ लघु शिलालेख में खरोष्ठी, आरमाइक तथा ग्रीक लिपि का प्रयोग किया गया है। उत्तर-पश्चिम भाग में उत्कीर्ण अशोक के अभिलेख आरमाइक, ग्रीक व खरोष्ठी लिपि में हैं। अशोक का 5वाँ शिलालेख धम्म महामात्र की नियुक्ति का उल्लेख करता है, पृथक कलिंग शिलालेख I में अशोक घोषणा करता है कि ‘सभी मनुष्य मेरी संताने हैं’। गुर्जरा, मास्की, नेट्टुर और उरगेलम अभिलेख में अशोक का नामोल्लेख हुआ है।