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Q: उत्तरांचल की निम्नलिखित झीलों में से कौन सी एक आकार में त्रिभुजाकार है?
  • A. केदार ताल
  • B. नैनीताल
  • C. नौकुचिया ताल
  • D. सतोपंथ ताल
Correct Answer: Option D - सतोपंथ ताल बद्रीनाथ से 21 किमी. आगे दुर्गम शिखरों के मध्य स्थित है। कहा जाता है कि पाण्डव इसी मार्ग से स्वर्ग गये थे। इसी के पास स्वर्ग रोहिणी शिखर भी है। यह ताल त्रिकोणाकार है। अलकनन्दा नदी इसी ताल से निकलती है। केदार ताल गंगोत्री से लगभग 20 किमी. दूरी पर स्थित है। स्वच्छ और पारदर्शक जल वाला यह ताल चारों ओर हिमानी पहाड़ों, बुग्यालों व तरह-तरह के पुष्पों से घिरा है। नौ कोन होने के कारण नौकुचिया ताल कहा जाता है। यह भीमताल से 4 किमी. दक्षिण-पूर्व में स्थित है। यह कुमायूं की सबसे गहरी झील है। नैनीताल को स्कन्दपुराण के मानस खण्ड में ‘त्रि-ऋषि सरोवर’ कहा गया है।
D. सतोपंथ ताल बद्रीनाथ से 21 किमी. आगे दुर्गम शिखरों के मध्य स्थित है। कहा जाता है कि पाण्डव इसी मार्ग से स्वर्ग गये थे। इसी के पास स्वर्ग रोहिणी शिखर भी है। यह ताल त्रिकोणाकार है। अलकनन्दा नदी इसी ताल से निकलती है। केदार ताल गंगोत्री से लगभग 20 किमी. दूरी पर स्थित है। स्वच्छ और पारदर्शक जल वाला यह ताल चारों ओर हिमानी पहाड़ों, बुग्यालों व तरह-तरह के पुष्पों से घिरा है। नौ कोन होने के कारण नौकुचिया ताल कहा जाता है। यह भीमताल से 4 किमी. दक्षिण-पूर्व में स्थित है। यह कुमायूं की सबसे गहरी झील है। नैनीताल को स्कन्दपुराण के मानस खण्ड में ‘त्रि-ऋषि सरोवर’ कहा गया है।

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सतोपंथ ताल बद्रीनाथ से 21 किमी. आगे दुर्गम शिखरों के मध्य स्थित है। कहा जाता है कि पाण्डव इसी मार्ग से स्वर्ग गये थे। इसी के पास स्वर्ग रोहिणी शिखर भी है। यह ताल त्रिकोणाकार है। अलकनन्दा नदी इसी ताल से निकलती है। केदार ताल गंगोत्री से लगभग 20 किमी. दूरी पर स्थित है। स्वच्छ और पारदर्शक जल वाला यह ताल चारों ओर हिमानी पहाड़ों, बुग्यालों व तरह-तरह के पुष्पों से घिरा है। नौ कोन होने के कारण नौकुचिया ताल कहा जाता है। यह भीमताल से 4 किमी. दक्षिण-पूर्व में स्थित है। यह कुमायूं की सबसे गहरी झील है। नैनीताल को स्कन्दपुराण के मानस खण्ड में ‘त्रि-ऋषि सरोवर’ कहा गया है।