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Q: उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की ‘परिभाषा’ के तहत, कौन ‘कृषि मजदूर’ के रूप में अर्हता प्राप्त करता है?
  • A. वह व्यक्ति जिसकी आजीविका का मुख्य स्रोत कृषि भूमि पर शारीरिक श्रम है।
  • B. एक जमींदार जिसके पास न्यूनतम 50 एकड़ कृषि योग्य भूमि हो।
  • C. एक जमींदार जिसके पास न्यूनतम 5000 एकड़ कृषि योग्य भूमि हो।
  • D. एक जमींदार जिसके पास न्यूनतम 500 एकड़ कृषि योग्य भूमि हो।
Correct Answer: Option A - उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 के अनुसार, ‘कृषि श्रमिक’ का तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जिसकी जीविका का मुख्य स्रोत कृषि भूमि पर शारीरिक श्रम है (अध्याय-1 क्रम संख्या-43)। वहीं ‘कृषि’ के अंतर्गत बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, फूलों की खेती, मधुमक्खी पालन और कुक्कुट पालन भी है।
A. उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 के अनुसार, ‘कृषि श्रमिक’ का तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जिसकी जीविका का मुख्य स्रोत कृषि भूमि पर शारीरिक श्रम है (अध्याय-1 क्रम संख्या-43)। वहीं ‘कृषि’ के अंतर्गत बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, फूलों की खेती, मधुमक्खी पालन और कुक्कुट पालन भी है।

Explanations:

उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 के अनुसार, ‘कृषि श्रमिक’ का तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जिसकी जीविका का मुख्य स्रोत कृषि भूमि पर शारीरिक श्रम है (अध्याय-1 क्रम संख्या-43)। वहीं ‘कृषि’ के अंतर्गत बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, फूलों की खेती, मधुमक्खी पालन और कुक्कुट पालन भी है।