Correct Answer:
Option A - पियाजे के अनुसार ‘‘वृत्ताकार अभिक्रिया (स्वयं के लिए दोहराई जाने वाली गतिविधियाँ) , उन प्रक्रियाओं के लिए एक शब्द है जिसके द्वारा एक शिशु मूल रूप से संयोग से खोजी गई वांछित घटनाओं को पुन: उत्पन्न करना सीखता है।’’
वृत्ताकार अभिक्रिया पियाजे के चार विकास चरणों में से पहला चरण है, जिसे संवेदी ‘‘पेशीय अवस्था’’ कहते हैं। जो ‘‘जन्म से 02 वर्ष’’ तक होती है।
A. पियाजे के अनुसार ‘‘वृत्ताकार अभिक्रिया (स्वयं के लिए दोहराई जाने वाली गतिविधियाँ) , उन प्रक्रियाओं के लिए एक शब्द है जिसके द्वारा एक शिशु मूल रूप से संयोग से खोजी गई वांछित घटनाओं को पुन: उत्पन्न करना सीखता है।’’
वृत्ताकार अभिक्रिया पियाजे के चार विकास चरणों में से पहला चरण है, जिसे संवेदी ‘‘पेशीय अवस्था’’ कहते हैं। जो ‘‘जन्म से 02 वर्ष’’ तक होती है।